नमस्कार। सितंबर के महीने में आपका स्वागत है। कुछ ही दिनों के बाद कई बड़े त्यौहार हमारा इंतेज़ार कर रहे हैं।
हर साल 5 सितंबर को हम शिक्षक दिवस मनाते हैं,
जो हमारे जीवन को आकार देने वाले गुरुओं के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है। लेकिन
आज का शिक्षक दिवस पारंपरिक उत्सवों से थोड़ा अलग सोचने पर मजबूर करता है। बदलते दौर
में शिक्षक और छात्र का रिश्ता बहुत तेजी से विकसित हो रहा है और इसकी परिभाषाएं बदल
रही हैं।
एक दौर था जब शिक्षक को ज्ञान का एकमात्र स्रोत
माना जाता था। कक्षा में शिक्षक ने जो कह दिया, वह अकाट्य सत्य था। छात्रों और अभिभावकों
दोनों के लिए शिक्षक का सम्मान करना एक 'डिफ़ॉल्ट' यानी स्वाभाविक विकल्प था। लेकिन
आज की तस्वीर बदल चुकी है। आज स्कूलों में शिक्षक के रूप में करियर चुनने वाले प्रतिभाशाली
और गंभीर छात्रों की संख्या लगातार कम हो रही है। दूसरी ओर, स्कूलों की संख्या तेजी
से बढ़ रही है। इस मांग और आपूर्ति के असंतुलन ने शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक के
पद की गरिमा के सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
इंटरनेट और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के
इस युग ने छात्रों और अभिभावकों को पढ़ाई के प्रति कहीं अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर
बना दिया है। आज का बुनियादी सवाल यह हो गया है—"आप मुझे ऐसा क्या सिखा रहे हैं,
जो मुझे इंटरनेट पर नहीं मिल सकता?" इस सवाल ने शिक्षकों की भूमिका को पूरी तरह
से बदल दिया है। अब वे केवल जानकारी देने वाले नहीं रह गए हैं, बल्कि उन्हें मार्गदर्शक
की भूमिका में आना होगा।
आज के समय में सम्मान अब 'डिफ़ॉल्ट' रूप से नहीं
मिलता, बल्कि उसे अर्जित करना पड़ता है। कई बार जो सम्मान दिखाई देता है, वह थोपे गए
अनुशासन या मजबूरी का नतीजा होता है, न कि दिल से चुना हुआ सम्मान। शिक्षकों को छात्रों
के बीच प्रासंगिक और प्रेरणास्रोत बने रहने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। उन्हें
खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा ताकि छात्र उनकी ओर आदर से देख सकें।
इस बदलाव में केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि
अभिभावकों और छात्रों की भी बड़ी भूमिका है। उन्हें यह समझना होगा कि इंटरनेट से जानकारी
तो मिल सकती है, लेकिन विवेक, मूल्य और जीवन जीने की कला केवल एक गुरु ही सिखा सकता
है।
अंततः, शिक्षण आज भी एक अत्यंत महान पेशा है क्योंकि
यह जीवन में मूल्य जोड़ता है। यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का जरिया
है। आज की युवा पीढ़ी को शिक्षण को एक बेहतरीन करियर विकल्प के रूप में देखना चाहिए।
यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन उतना ही आनंददायक और संतोषजनक भी है। आइए, इस
शिक्षक दिवस पर हम इस रिश्ते की नई गरिमा को पहचानें।